सरदर्द के कारण और मुक्ति के अचूक उपाए

,अपनाएंगे तो नहीं होंगे कभी परेशान

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Information : सर दर्द ये एक ऐसा दर्द है जिससे हार कोई कभी न कभी परेशां जरूर होता है और अपने जीवन में ये हर किसी को होता जरूर है .अक्सर ही लोग सर दर्द से परेशान रहते हैं. मगर वो इस बात को जाने बिना ही कि उनको सर दर्द क्यूँ हो रहा है, सीधे सीधे दवाई खा लेते हैं. ऐसे में दवाई का सेवन अत्यंत खतरनाक है. सिर दर्द का असल कारण पता होना चाहिए और उस कारण की ही दवा करनी चाहिए. अन्यथा भयंकर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. आज हम आपको यही बताने जा रहें हैं के सिर दर्द किन विशेष कारणों के कारण से होता है और आपको इससे निपटने के लिए क्या करना चाहिए .

सिर दर्द, कनपटियों, ऊपर के हिस्से , सिर के पीछे के भाग, सारे सिर में कहीं भी हो सकता है. सिरदर्द कुछ बिमारियों में तो एक लक्षण मात्र होता है, जैसे – ज्वर, फ्लू, माता आदि में. कभी स्वतंत्र रूप से केवल सिर दर्द होता है. ऐसा सिरदर्द स्वयं एक रोग है. मगर सिरदर्द की सीधे सीधे गोली खाने से बचना चाहिए और पहले इनके कारणों का पता होना चाहिए. सिरदर्द के मुख्य कारण बोहोत से है – 1 . ब्लड प्रेशर की समस्या होने से लगातार सिरदर्द रहने का लक्षण रहता है. और ब्लड प्रेशर कम रहने से मस्तिष्क को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती जो भी एक कारण है सिरदर्द का. तो ऐसे में पहले ब्लड प्रेशर की जांच अवश्य करवा लेनी चाहिए फिर ही सर दर्द के उपचार के बारे में सोचना चाहिए . 2. ज्वरों में सिरदर्द मस्तिष्क आवरणगत धमनियों के फ़ैल जाने से होता है. 3. क्रोध , तीव्र मानसिक आवेश से सर की धमनियों में शैथिल्य होकर सिरदर्द होता है. चिंता से चेहरे और कपाल की मांस पेशियों में तनाव बढ़ जाने से सिरदर्द रहता है जो पिछले भाग में होता है. 4 . रक्त में विष , कब्ज,जैसे मूत्र रोग, अपच से उत्पन्न प्रभाव से सर दर्द हो जाता है. 5. मस्तिष्क में अबुर्द (फोड़ा), शोथ, जलवृद्धि, से सर दर्द रहता है. 6. मस्तिष्क की शिराओं में रक् संचय होने से सिरदर्द होता है. अर्थात ब्लड क्लोटिंग के कारन भी सर दर्द हो सकता है . ऐसे में गोली खाना बेहद खतरनाक है. अगर हमेशा सिरदर्द रहता हो तो इसकी जांच ज़रूर करवा लेनी चाहिए. 7. नींद कम आने, ना आने से भी सिरदर्द रहता है इसलिए नींद कम से कम 8 घंटे की जरूर ले . 8. नेत्रों की कमजोरी, कान, नाक, गले , नेत्र रोग, दांतों के रोगों से सिरदर्द होता है इसलिए इनसब का ध्यान अचे से रखे . 9 . लगातार रहने वाले सिरदर्द के कारण नेत्रों के रोग या अम्लपित्त हो सकता हैं. 10. कोई सिरा प्रसारक औषधि खाने से, शरीर में कोई बाहरी प्रतिकूल प्रोटीन आने से सिरदर्द होता है. बिना दवा के सिरदर्द का इलाज कैसे करे :- • कई बार शरीर में पानी की कमी हो जाने के कारण भी सिरदर्द होता है, ऐसे में सिर्फ एक दो गिलास पानी पीजिये, और इस दर्द से आपको तुरंत छुटकारा मिल जायेगा . वैसे भी हमे दिन में पानी पर्याप्त मात्रा में ही पीना चाहिए . • सिरदर्द के कारण, प्रकृति, स्थिति, रोगी के धातु के अनुसार चिकित्सा करने से सिरदर्द ठीक हो जाता है, सबसे पहले तो कारणों को दूर करने का प्रयास करें. • जुकाम, अधिक श्रम, मानसिक चिंता, रात्रि जागरण, रक्त संचय से जो सिरदर्द होता है, वह अपने आप चला जाता है. इसके लिए गोली लेने कि ज़रूरत नहीं है. • शरीरिक और मानसिक श्रम अधिक करने से होने वाले सिरदर्द में आराम करना चाहिए. निद्रा लेने से हर प्रकार के सिरदर्द में आराम मिलता है. • सिर दर्द में काली मिर्च और पुदीने की चाय का सेवन करना भी बहुत फायदेमंद होता है. आप चाहें तो ब्लैक टी में पुदीने की कुछ पत्तियां मिलाकर भी ले सकते हैं. • चिकनाई वाले पदार्थों के सेवन की कमी से आँखों में सफेदी, मस्तिष्क में रुक्षता हो जाती है. इससे सिरदर्द हो जाता है. ऐसे सिरदर्द में दूध, मक्खन, घी, हलुआ चिकने पदार्थ अधिक सेवन करने से लाभ होता है.

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