शिमला के जाखू मंदिर की कथा .

,जब हनुमान जी को अपने भक्त को दर्शन देने आना पड़ा

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Information : जय श्री राम मित्रो आज हम आपको हिमांचल जिसे देव भूमि के नाम से भी जाना जाता वहां के एक प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के बारे में बातएंगे और उससे जुडी कथा भी सुनाएंगे . जाखू मंदिर जो के शिमला में स्तिथ है शिमला से इसकी दूरी मात्र 8 किलोमीटर है यहाँ पे राम भक्त हनुमान जी का वास् है कहते है के राम रावण युद्ध के वक़्त लक्ष्मण की मूर्छा भंग करने के लिए हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने के लिए आकाश मार्ग से जा रहे थे तभी उनकी नज़र यहाँ तपस्या करते हुए ऋषि यक्ष पर पड़ी संजीवनी बूटी का परिचय लेने के लिए और आराम करने के लिए हनुमान जी यहाँ उतरे और जहा उनके पग पड़े वहां चिन आज भी मोजूद है उन्हें संगमरमर में मडाया गया है . यक्ष ऋषि से बात करने के बाद हनुमान जी जब उड़ने लगे तो यक्ष ऋषि ने उनसे लौटकर आते हुए आने को कहा . हनुमान जी ने उनकी बात मान ली . रासते में कालनेमि नामक राक्षश के साथ ध्वंद में समय बर्बाद होने के कारन वो वापिस आते हुए छूटे रासते से गए जिसकी वजह से वो यक्ष ऋषि से न मिल सके . जब हनुमान जी न अये तो यक्ष ऋषि व्याकुल हो उठे तब हनुमान जी को यक्ष ऋषि को दर्शन देने आना पड़ा . यक्ष ऋषि से मिलने के बाद हनुमान जी ने स्वयंभू मूर्ति प्रकट की और यक्ष ऋषि ने वही राम भक्त हनुमान जी का मंदिर बनवा दिया . लोगो की आस्था है के यहाँ उनके सुब दुःख दूर हो जाते है और उन्हें यहाँ अलग सा अनुभव होता . पोस्ट अछि लगे तो शेयर जरूर करे जय श्री राम.

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