भारत के रहस्यमय मंदिर के खौफनाक और अनसुलझे रहस्य

,खौफनाक और अनसुलझे रहस्य

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Information : भारत एक धर्म भक्ति संस्कृति और साधना का देश है ।आदिकाल मै यहाँ के मंदिरो का काफी महत्व रहा है ।भारत में बहुत सारे मंदिर है और विभिन प्रकार के चमत्कार भी देखे गए है कुछ लोगो के लिए ये देवी की कृपा है जो अपने भक्तो को संकट से दूर रखते है और कुछ लोगो के लिए यह एक चर्चा का बिसय है ।आज के इस एपिसोड में हम जानेंगे भारत के कुछ अनोखी और रहस्यमय मंदिर जिनका रहस्य आज भी अनसुलझा पहेली बनकर रह गया है

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर बजरंगवाली के बाल रूप को बालाजी के नाम से भी जाना जाता है भारत में बजरंगबली के अनेको मंदिर है । परंतु इस मंदिर का रहस्य अपने आप में एक रहस्य बना हुआ है यह एक ऐसी रहस्य पनपती है जिसे आज तक कोई नही जान पाया है यह भवन राजस्थान के दौसा जिले में है बालाजी अपने भक्तो के संकट काटने में काफी प्रशिद्ध रहे ह फिर चाहे वह किसी प्रेत आत्मा या किसी भूत का साया क्यू न हो | लोगो का मन्ना है की जो भी यह आते ह उनके संकट काटना निश्चित है इस मंदिर में कई भयानक दृस्य भी देखे गए है लोगो को उल्टा जंजीर से बांध हुआ जैसेर कई रहस्मई चीजे देखि गयी कहा जाता ह की यहाँ हनुमान जी जागृत अवस्था में में बिराजित होते हँसी यह मंदिर की सबसे बड़ी रहस्य तो यह है की भूत प्रेत और आत्माओ से पीड़ित लोग मंदिर में घुसते ही चिल्लाने लगते है और कुछ देर बाद ही पूरी तरह से वे आत्मा पीड़ित के सरीर को चोर देता है दोस्तों यह रहने वाले तांत्रिक और ऋषि मुनि इसके पीछे का पता नही लगा पाए है स्तंभेश्वर मंदिर दुनिया के कई रहस्य ऐसे होते है जिसे इंसान के लिए समझना काफी मुश्किल होता है ऐसा ही रहस्यो से भरा है यह मंदिर जिसके बारे में खा जाता है की साल के 8 महीने में मंदिर गायब हो जाता ह परंतु ८ महीने बाद यह मंदिर फिर से दुनिया के सामने आ जाता ह इस मंदिर को महाभारत कालीन मन जाता ह कहा जाता है की पांडव ने अज्ञातवास के दौरान यह समय बिताया और तभी ही भगवन शिव की आराधना के लिए इस विशालकाय मंदिर की अस्थापन हुई दोस्तों आपके जानकारी के लिए बता दू की यह मंदिर ८ महीने तक समुद्र में दुब जाता ह और यह पिछले ३० से से लगातार पानी में डॉब रहा है करनी माता का मंदिर राजस्थान के बीकानेर में इस्थित यह बहुत अनोखा मंदिर है इसकी अनोखी बाते यह है की इसमें २००० से ज्यादा काले चूहे रहते है लाखो की संख्या में पर्यटक यहाँ अपनी मनोकामना पूरी करने आते है करनी देवी जिस चूहे को एक बिशेष अवतार मन जाता है और इसेचूहो का मंदिर भी खा जाता है यह चूहे का बिशेस रूप से भोजन कराया जाता है यह दो प्रकार के चूहे मौजूद है काले रंग के और सफेद रंग के सफेद रंग के चूहे यह दुर्लभ है यह इतने जद चूहे है की भक्त यह पर उठाकर नही चल पाते है हलाकि इन चूहों ने आजतक किसी को किसी प्रकार की हानि नही पहुचाई ह इन चूहों की सबसे ख़ास बातयह है की ये कभी प्राचीन कल में कभी मंदिर के बहार नही दिखे और इन्हें सिर्फ मंदिर के भीतर ही देखा गया है कामाख्या मंदिर असम की राजधानी दिसपुर में करीब ८ कम दूर कामख्या मंदिर इस्थित है इस मंदिर को ३ हिस्सो में बतात गया है पहला हिस्सा जो की सबसे बड़ा है परंतु यह किसी को भी जाने की अनुमति नही है इसी के पीछे दूर हिस्सा है जहा देवी की मूर्ति इस्थित है उसी के पास एक औरपथर है जहा से हमेशा पानी की एक धरा निकलते है परंतु आस्चर्य की बात यह है की की जिस पत्थर से हमेशा पानी की धरा निकलती ह उसी पठार से महीने के एक दिन कहहु की धरा भी निकलती हग और यह रहस्य की बात है कैलाश टेम्पल एल्लोरा अजंता और एल्लोरा के गुफा और मंदिर के बारे में खा जाता है की यह किसी एलियंस के समूह ने बनाया है यह एक विशालकाय कैलाश मंदिर है आरएचएओलोगिस्ट के अनुसार इसे काम से काम ४ हज़ार बर्ष पूर्व बनाया गया था ४० लाख टन की चटानी से बनाया गया इस मंदिर को किसी तकनीक से बनाया गया ह यह आज भी एक रहस्य है और यह आज भी आदुनिक इंजीनरिंग की बात नही है १०० फ़ीट से लंबे स्तब्ध की तुलना में मनुष्य काफी छोटे दिख रहे है अर्थात प्राचीन कला में आम इंसान के लिए इसे बनाना काफी आसान नही रहा होगा और देखा जाये तो यह अस्तंभ मात्रा को बनाने में काम से काम सालो लग सकते है अर्चेओलोगिस्ट के अनुसार इस मंदिर को बनाने में काम से काम ४ लाख टन से भी जड़ चटानो को काट के हटाया है जो की वारसॉ नही कई सताब्दी का काम है 23 वी शताव्दी के शासक औरंगज़ेब ने इस मंदिर को ध्वस्त करने के लिए अपने 1000 से जड़ सैनिक को कार्यात किया और ३ साल करने के बाद ध्वस्त करना असम्भव है

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