भगवान शिव और विष्णु से पैदा हुआ था पुत्र

,क्यू पैदा करना पड़ा विष्णु भगवान को पुत्र

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Information : दोस्तों हिन्दू धर्म में भगवान शिव और भगवान विष्णु को सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त है . समय समय पर त्रिदेव ने अवतार ले कर पाप का नाश किया और धर्म की स्थापना की पर क्या आप जानते है शिव और भगवान विष्णु से उत्पन हुए पुत्र के बारे में . दोस्तों आप सबको माँ दुर्गा के चंडिका रूप की कथा तो पता ही होगी . जिस रूप को धारण कर माँ ने महिषासुर का वध किया था पर क्या आप सुब ये जानते है के महिषा सुर की एक पत्नी भी थी जिसका नाम महिषी था अपने पति की मृत्यु के बाद महिषी ने प्रतिशोध लेने के लिए भगवान ब्रमाह की तपस्या की और अमर होने का वार माँगा ब्रमाह ने अमरता का वरदान देने से मन कर दिया . तब महिषी ने एक चल चली और वर माँगा की उसकी मृत्यु भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों द्वारा उत्पन की गयी की संतान से ही हो सके . जैसे के आप सब जानते हो दोनों ही शिव और विष्णु भगवान पुरुष रूप में है तो ये तो ना मुमकिन है . एक बार देव ऋषि नारद कैलाश गए और उन्होंने भगवान विष्णु के मोहीनी रूप की बोहोत प्रशंशा की . ये सब सुन भगवान शिव और पारवती के मन में भी मोहीनी रूप देखने की लालसा जग उठी और सबने वैकुण्ठ की तरफ प्रस्थान किया . वैकुण्ठ पोहोंच कर भगवान शिव और पारवती ने भगवान विष्णु को मोहीनी रूप के दर्शन करवाने को कहा . भगवान विष्णु ने उनकी इच्छा पूरी की और मोहीनी का रूप लिया . भगवान शिव मोहीनी रूप देख काम वासना के शिकार हो गए . अंततः उन्होंने मोहीनी से मिलन किया . जिसके परिणाम स्वरुप एक बालक की उत्पति हुई जिन्हे हम भगवान अयप्पा के नाम से जानते है . इनकी पूजा दक्षिण भारत में आज भी होती है और केरला में पक्षिम घाट के पहाड़ो पर शबरी माला नाम का मंदिर है . इन्ही भगवान अयप्पा ने महिषी का वध किया था .

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