चीन और बिटकॉइन का क्या है कला सच जाने

,कैसे कमा रहा चीन बिटकॉइन से इतना पैसा

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Information : बिटकॉइन अपनी बढ़ती कीमतों के कारन चर्चा का विषय बना हुआ है . सब लोग इसे खरीद कर मुनाफा कमाना चाहते है पर क्या आप जानते है बिटकॉइन के पीछे एक रहस्य है और इस रहस्य से जुड़ा है हमारा पड़ोसी देश चीन . चीन दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है और साथ ही कोयले की सबसे ज्यादा खपत करने वाला देश भी है . अब आप ये सोच रहे होंगे के कोयले और बिटकॉइन का क्या सम्बन्ध है . बात ये है के चीन बिट कॉइन बनाने के लिए इसे माइनिंग में लगाना पड़ता इसके लिए बोहोत से कम्प्यूटर्स और सर्वर्स की जरूरत पड़ती है और इनको चलाने के लिए बिजली की . चीन इसी बात का फायदा उठता और कोयले से बिजली पैदा कर के बिटकॉइन बनाने में मदत करता . जब की पूरी दुनिया में कोयले से बिजली बनाए जाने के लिए चीन की निंदा की जाती है कोयले से बिजली बनाने से बोहोत प्रदूषण फैलता है जिससे चीन नज़र अंदाज करता है . चीन सिर्फ बिट कॉइन ही नहीं और भी बोहोत सी क्रिप्टोकरंसीज के सर्वर्स को अपने यहाँ लगवा कर ऐसे ही उन्हें बिजली सप्लाई करता है . जितनी ज्यादा क्रिप्टोकरंसी की मांग होगी उतना ही चीन को फायदा . हर एक बिटकॉइन की ट्रांजेक्शन पे 240 किलोवॉट बिजली खर्च होती है आप यही से अंदाजा लगा सकते है के इस सारे प्रोसेस में कितनी बिजली खर्च होती है . इस पूरे पर्सोसेस में जितनी बिजली खर्च होती है वो किसी देश में खर्च होने वाली सालाना बिजली के बराबर है .

चीन 60 % बिजली कोयले से बनता है और चीन में 58 % क्रिप्टोकरंसी माइनिंग पूल्स है और चीन पहले नंबर पर है अमेरिका में सिर्फ 16 % है और वो दुसरे नो पर है यही से आप अंदाजा लगा सकते है के इसके पीछे चीन का कितना बड़ा हाथ है और कितना बड़ा फायदा . यूरोप में हाइड्रोमाइनर आईटी-सर्विसेज कंपनी अपना सर्वर हाइड्रो-पावर प्लांट्स से पैदा हुई बिजली पर रन करती है और वहां बिजली बोहोत ही ज्यादा महंगी है इसी बात का फायदा उठा कर चीन इतना मुनाफा कमा रहा है और बिटकॉइन को बढ़ावा दे रहा है .

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