क्यों ना नहाये नग्न अवस्था में

,क्यों शास्त्रों में किया गया है मना

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Information : वैसे तो दुनिया भर के धार्मिक ग्रंथो में अनेको परम्पराओ और मान्यताओं का उल्लेख है पर इनमे से कुछ परम्पराये हमारी समझ से बहार है . ऐसी ही एक परम्परा है के हमे निर्वस्त्र स्नान नहीं करना चाहिए . वैसे आप सोच रहे होंगे अगर कोई स्नान करेगा तो वो नग्न अवस्था में ही करना उचित है पर ऐसा बिलकुल नहीं है हम आपको इसके पीछे बताये गए कुछ कारणों के बारे में बताएँगे जो की हमारे धर्म ग्रंथो में लिखे है .

वैसे तो स्नान करना नित्य क्रिया में शुमार है और इसके बिना किसी भी इंसान को स्वच्छ नहीं समझा जाता . पर श्री कृष्ण के अनुसार हमे नग्न अवस्था में स्नान नहीं करना चाहिए . पद्मपुराण के अनुसार जब गोपिया निर्वस्त्र होकर स्नान करने गयी तो श्री कृष्ण ने उनके कपडे चुरा लिए जब गोपियों को इस बात का पता चला तो उन्होंने कृष्ण से बिनती की और कपडे वापिस देने को कहा पर श्री कृष्ण ने उन्हें नदी से बहार आ कर खुद कपडे लेने को कहा . तब गोपियों ने विनम्रता से कहा के वो नग्न है और जब वो नही गयी थी तो यहाँ कोई नहीं था . तो श्री कृष्ण ने कहा के ये तुम्हे लगता के कोई नहीं है पर तुम्हे पक्षियों , सुक्ष जीवो और स्वयं वरुण देव ने नग्न देखा है . श्री कृष्ण ये समझना चाह रहे थे के जब हम नग्न अवस्था में नहाते है तो ऐसा हमे लगता कोई देख नहीं रहा पर ऐसा होता नहीं है . इस बात जा जिक्र गरुण पुराण में भी मिलता है के गरुण पुराण के अनुसार हमारे पूर्वज हमेशा हमारे आस पास होते है और जब हम नहाते है तो हमारे शरीर से टपकने वाले पानी से उनकी तृप्ति होती है . पर जब हम नग्न अवस्था में नहाते है तो हमारे पूर्वज अतृप्त रह जाते है इसलिए नग्न अवस्था में नहीं नहाना चाहिए

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